किसानों के लिए अच्‍छी खबर है. इस साल देश में मनसून अनके लिए अनुकूल रहेगा और जमकर बारिश होनी की उम्‍मीद जताई गई है. बता दें कि ये जानकारी भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की ओर से अधिकाररी तौर पर दी गई है. मौसम विभाग के डायरेक्टर जनरल के जे रमेश ने NewsWithChai को बताया कि इस बार दक्षिण-पश्चिम का मानसून सामान्य रहेगा.

खाद्य उत्पादन के नजरिए से अच्‍छा रहेगा मानसून
रमेश ने बताया कि इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून का सीजन खाद्य उत्पादन के नजरिए से किसानों के लिए अच्‍छा रहेगा. ये पूछे जाने पर कि क्‍या इस बार अल-नीनो का प्रभाव कैसा रहेगा. उन्‍होंने कहा कि अल-नीनो का प्रभाव अगर होगा तो भी है तो बहुत ही कम होगा. इसके अलावा उन्‍होंने बताया कि इस बार अल-नीनो मजबूत नहीं रहेगा.

सरकार ने भी जताई बेतर मानसून की उम्‍मीद
वहीं, पृथ्वी और विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. राजीवन नायर ने कहा है कि भारत में साल 2019 में मानसून तकरीबन सामान्य रहने वाला है. क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून के लगभग सामान्य रहने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि इस बार मानसून लंबी अवधि का औसत 96 फीसदी रहने की उम्मीद है, जिससे देशभर में करीब 89 सेंटीमीटर बारिश होगी.

कृषि पर केंद्रित है भारत की अर्थव्‍यवस्‍था
बता दें करीब दो लाख करोड़ डॉलर से अधिक की भारतीय अर्थव्यवस्था कृषि पर केंद्रित है, जो पूरी तरह से मानसून पर निर्भर है. स्काईमेट के सीईओ जतिन सिंह ने बताया कि सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना बेहद कम है. भारत में सालाना होने वाली बारिश में मानसून की हिस्सेदारी 70 फीसदी से अधिक होती है.

एशिया की तीसरी बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है भारत
जून से शुरुआत होने वाले मानसून सीजन के दौरान 50 सालों के औसत 89 सेमी से अधिक बारिश होने को सामान्य कहा जाता है, जो 96 फीसदी से 104 फीसदी के बीच होता है. भारत, एशिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसमें कृषि क्षेत्र की निर्भरता चार महीनों के दौरान होने वाली मानसूनी बारिश पर होती है.

निज एजेंसी ने लगाया था कम बारिश का अनुमान
गौरतलब है कि पिछले दिनों मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एक निजी एजेंसी स्काईमेट ने कहा था कि इस साल मानसून में सामान से कम बारिश हो सकती है. एजेंसी ने अपने अनुमान में बताया था कि मॉनसून के दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का 93 फीसदी रहने की संभावना है. उल्‍लेखनीय है कि 1951 से 2000 के बीच हुई कुल बारिश के औसत को एलपीए कहा जाता है और यह 89 सेमी है.