चुनाव के बाद एग्जिट पोल में स्पष्ट बहुमत मिलने के अनुमानों से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में मतगणना में हेरफेर की आशंका सताने लगी है। पार्टी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की सुरक्षा कड़ी की जाए और वोटों की गिनती का काम केन्द्रीय चुनाव आयोग की निगरानी में पारदर्शी एवं सुरक्षित ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

वरिष्ठ बीजेपी नेता एवं केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल ने निवार्चन सदन में मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य आयुक्तों से मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में सातों चरणों में हुई हिंसा के स्थानों का विवरण दिया है और वहां दोबारा मतदान कराने की मांग की है।

गोयल ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल के अनुभव के आधार पर आयोग से अनुरोध किया है कि इस राज्य के साथ-साथ ओडिशा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा केन्द्रीय बलों के अधीन की जाए, हर मतगणना केन्द्र की सुरक्षा केन्द्रीय बलों के हाथ में हो और वहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में गिनती कराई जाए, अनधिकृत व्यक्ति को कतई नहीं आने दिया जाये और इसकी निगरानी उच्चाधिकारी करें। मतगणना की प्रक्रिया की निष्पक्षता और ईवीएम की सुरक्षा के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाए।

उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि पांचों राज्यों में मतगणना में कोई अप्रिय घटना न घटे और मतों की गिनती निष्पक्षता, पारदर्शिता से मतगणना कराने के लिए चुनाव आयोग सख्ती से काम करेगा।

गोयल ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल के अनुभव के आधार पर आयोग से अनुरोध किया है कि इस राज्य के साथ-साथ ओडिशा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा केन्द्रीय बलों के अधीन की जाए, हर मतगणना केन्द्र की सुरक्षा केन्द्रीय बलों के हाथ में हो और वहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में गिनती कराई जाए, अनधिकृत व्यक्ति को कतई नहीं आने दिया जाये और इसकी निगरानी उच्चाधिकारी करें। मतगणना की प्रक्रिया की निष्पक्षता और ईवीएम की सुरक्षा के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाए।

भाजपा ने पश्चिम बंगाल के अनुभव के आधार पर आयोग से अनुरोध किया है कि इस राज्य के साथ-साथ ओडिशा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा केन्द्रीय बलों के अधीन की जाए, हर मतगणना केन्द्र की सुरक्षा केन्द्रीय बलों के हाथ में हो और वहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में गिनती कराई जाए, अनधिकृत व्यक्ति को कतई नहीं आने दिया जाये और इसकी निगरानी उच्चाधिकारी करें। मतगणना की प्रक्रिया की निष्पक्षता और ईवीएम की सुरक्षा के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाए।

उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि पांचों राज्यों में मतगणना में कोई अप्रिय घटना न घटे और मतों की गिनती निष्पक्षता, पारदर्शिता से मतगणना कराने के लिए चुनाव आयोग सख्ती से काम करेगा।